ग्रामीण प्रतिभा को संवारने से होंगे सपने साकार
मारवाड़ की हृदयस्थली में जहाँ रेगिस्तान की रेत का अनंत प्रसार है, एक स्वप्न आकार ले रहा है- एक
ऐसी स्वप्न जो जीवन बदलने की सामर्थ्य रखता है। यह स्वप्न है श्री धनंजय सिंह खींवसर की जिन्होंने
खींवसर क्रिकेट अकादमी की सुंदर परिकल्पना की है। यह अकादमी केवल क्रिकेट प्रशिक्षण का केंद्र नहीं
है बल्कि ग्रामीण राजस्थान के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उनके लिए नवीन अवसर सृजित
करने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतिरूप है।
इस पहल के केंद्र में ‘खेलो मारवाड़’ परियोजना है जो विभिन्न खेलों में ग्रामीण प्रतिभाओं की खोज और
प्रोत्साहन हेतु समर्पित है। हालांकि इस योजना को सफलता मिली है, फिर भी एक महत्वपूर्ण कमी ये रही है कि खींवसर या आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में कोई समर्पित क्रिकेट अकादमी नहीं है। खींवसर क्रिकेट अकादमी इस रिक्तता को भरेगी। यह केवल खेल का मैदान ही नहीं बल्कि एक ऐसा केंद्र होगा जहाँ युवा क्रिकेटर अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और समर्पण व अनुशासन के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ सकेंगे।
यह अकादमी 45 बीघा भूमि पर बनाई जाएगी जहाँ अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ और अनुभवी कोचों का मार्गदर्शन तो होगा ही, सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि यहां ग्रामीण युवाओं को पेशेवर क्रिकेट की दुनिया में कदम रखने का एक मंच मिलेगा। इस क्षेत्र के लिए क्रिकेट एक खेल से कहीं ज्यादा है, यह सुनहरे अवसरों की प्रशस्त राह है। आने वाले समय में अकादमी का निर्माण कार्य पूरा होगा और यह क्षेत्र के युवा एथलीटों की यात्रा का आधारस्तम्भ बनेगी।
श्री धनंजय सिंह खींवसर का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को निखारना और मारवाड़ के युवाओं को
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्रदान करना है। क्षेत्र के युवा क्रिकेटरों में
निहित संभावनाओं व क्षमता को पहचानकर अकादमी उनके व्यक्तिगत विकास को प्रोत्साहित करेगी। यह समाज में गर्व की अनुभूति का संचार करने के साथ ही खिलाडियों की नवीन पहचान स्थापित करेगी। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों क्षेत्रों में अकादमी अपने संस्थापक की आशा के स्वर को गुंजायमान करेगी ताकि ग्रामीण प्रतिभाएँ फल-फूल सकें।